राजधानी दिल्ली में महापर्व छठ को लेकर असमंजस बरकरार है। दिल्ली सरकार ने इस बाबत गाइडलाइंस जारी करने के लिए केंद्र सरकार को पत्र पहले ही लिख दिया है। इसी बीच गुरुवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल अनिल बैजल को भी इस संबंध में पत्र लिखा। उन्होंने लिखा कि दिल्ली में कोरोना की स्थिति अब बेहतर है। मेरे ख्याल से कोविड प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए हमें दिल्ली में छठ पूजा के आयोजन की अनुमति दे देनी चाहिए।

भारतीय जनता पार्टी सड़कों पर उतर आई

छठ पूजा को लेकर दिल्ली में राजनीति गरमा गई है। कोरोना को देखते हुए दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने दिल्ली में सार्वजनिक स्थानों, जलाशयों और नदी किनारों पर छठ पूजा को लेकर रोक लगा दी है। दिल्ली सरकार के इस फैसले के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी सड़कों पर उतर आई है। 

अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर प्रदर्शन किया

दिल्ली भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने छठ पूजा पर रोक के विरोध में मंगलवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर प्रदर्शन किया था। इस दौरान भाजपा सांसद मनोज तिवारी घायल हो गए थे और उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था। 

27 सीटों पर पूर्वांचल मतदाताओं का प्रभाव

दिल्ली में छठ पूजा को लेकर राजनीति होना कोई नई बात नहीं है। दिल्ली में करीब 40 लाख पूर्वांचली (यूपी-बिहार के) मतदाता हैं जो छठ पूजा करते है। उन्हें साधने के लिए कांग्रेस, भाजपा और आम आदमी पार्टी में होड़ लगी रहती है। दिल्ली की 27 विधानसभा सीट ऐसी है जहां पूर्वांचल के लोग चुनाव परिणाम को प्रभावित करने की स्थिति में हैं। इसी वजह से सियासी दल भी पूर्वांचल मतदाताओं पर जमकर दांव लगाते रहे हैं।



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