नई दिल्ली I महाभियोग के प्रस्ताव को राज्यसभा के सभापति एम. वैंकया नायडु की ओर खारिज किए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की कांग्रेस पार्टी के इरादे को वित्त मंत्री जेटली ने 'संभावित आत्मघाती कदम' बताया है. जेटली ने यह भी कहा है कि संसद अपने अधिकार क्षेत्र में सर्वोच्च है और इसकी प्रक्रिया को अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती.

वेंकैया नायडू के फैसले के घंटे भर के अंदर ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और वकील कपिल सिब्बल ने सोमवार को कहा था कि पार्टी इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी. इसे लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने फेसबुक पोस्ट लिख कर विरोध जताया है.

वित्त मंत्री ने कहा कि देश के मुख्य न्यायधीश के खिलाफ गलत सोच से लाया गया महाभियोग प्रस्ताव इस बात का उदाहरण है कि वकालत करने वाले सांसद कोर्ट के भीतर के झगड़े को खींच कर संसद तक ला रहे हैं. जेटली ने कहा, संसद अपने कार्य क्षेत्र में सर्वोच्च है, संसद की प्रक्रिया को समीक्षा के लिए कोर्ट में नहीं ले जाया जा सकता.


केंद्रीय वित्त मंत्री ने लिखा, 'अपने व्यापारिक हितों को साधने के लिए संसदीय कार्यवाही का इस्तेमाल करने का ये बहुत पुराना तरीका है. पिछले कई सालों में इस तरह की कई कोशिशों का खुलासा हुआ. सिस्टम के जरिये ऐसे लोगों की इच्छा और उनकी कुत्सित कोशिशों का भी पर्दाफाश होता रहा है. लेकिन जो परिदृश्य अब दिख रहा है, वह पहले से अलग है. बड़ी संख्या में नामी वकील अब संसद के सदस्य हैं. ज्यादातर राजनीतिक पार्टियां अब नामांकन इसी आधार पर दे रही हैं कि उनसे कोर्ट और संसदीय बहस दोनों जगह काम चलवाया जा सके. माननीय सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ लाया गया महाभियोग प्रस्ताव इसी का उदाहरण है.
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