रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की कार पर बुधवार को DMK कार्यकर्ताओं ने पत्थर और चप्पल फेंके. कार्यकर्ताओं ने मंत्री को काले झंडे भी दिखाए. DMK कार्यकर्ता कावेरी प्रबंधन बोर्ड का गठन नहीं करने को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे.

पुलिस ने बताया कि गाड़ी के पिछले हिस्से पर पत्थर लगे, जिससे कोई नुकसान नहीं हुआ और मंत्री ने अपनी यात्रा जारी रखी. पुलिस के मुताबिक सभी DMK कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया.

बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मंत्री के काफिले के गुजरने के बाद DMK के खिलाफ नारेबाजी की, जिस पर द्रमुक कार्यकर्ताओं ने भी नारे लगाए. निर्मला सीतारमण रामनाथपुरम और विरुधुनगर जिलों में सरकारी योजनाओं की समीक्षा करने जा रही थीं.

इससे पहले 12 अप्रैल को चेन्नई दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा था. एयरपोर्ट से निकलते वक्त पीएम को अलंदुर इलाके में प्रदर्शनकारियों ने कावेरी जल बंटवारे को लेकर काले झंडे दिखाए थे.



क्यों हो रहा है विरोध प्रदर्शन?



कावेरी प्रबंधन बोर्ड और कावेरी जल नियामक समिति का अभी तक गठन नहीं हुआ. तमिलनाडु ने केंद्र के खिलाफ अवमानना की याचिका दायर की थी और कहा था कि वो कावेरी मैनेजमेंट बोर्ड की स्थापना करने में विफल रही है. 16 फरवरी को सुनाए फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कावेरी जल विवाद पर 6 हफ्तों के अंदर योजना लागू करने के लिए कहा था. इसे लेकर केंद्र ने 6 हफ्तों का समय मांगा था, लेकिन समयसीमा निकल जाने पर केंद्र ने इसे 3 महीने और बढ़ाए जाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी.
Share To:

Post A Comment:

0 comments so far,add yours