2019 लोकसभा चुनाव के लिए यूपी में बनने वाले महागठबंधन के लिए मंच तैयार हो चुका है. सपा-बसपा इसके लिए अपनी-अपनी रजामंदी दे चुकी हैं. लेकिन इस महागठबंधन में प्रियंका गांधी की भी अहम भूमिका होगी. महागठबंधन में सपा-बसपा जहां सामने आकर बीजेपी का मुकाबला करेंगी, वहीं कांग्रेस परदे के पीछे रहते हुए महागठबंधन के धर्म को निभाएगी.

सूत्रों की मानें तो सपा-बसपा की शर्तों के अनुसार कांग्रेस महागठबंधन में खुलकर सामने नहीं आएगी. कांग्रेस को सामने लाकर सपा-बसपा बीजेपी को हमलावार होने का कोई मौका नहीं देना चाहती है. पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के एक बेहद करीबी और न्यूज चैनल पर हमेशा साय की तरह उनके साथ रहने वाले सपा के एक कद्दावार नेता की मानें तो कांग्रेस की ओर से महागठबंधन अमली जमा प्रियंका गांधी पहनाएंगी.

वहीं सूत्रों का कहना है कि गठबंधन की बातचीत के लिए प्रियंका गांधी के दूत सलमान खुर्शिद होंगे. वहीं जानकारों की मानें तो मंगलवार को सलमान खुर्शिद ने लखनऊ जाकर सपा और बसपा के कुछ नेताओं संग बातचीत भी की थी.

बीजेपी से बचने को ये होगा सपा-बसपा का ‘कांग्रेस प्लान’


2019 के लोकसभा चुनावों में हार से बचने के लिए सपा-बसपा ने सीटों के बंटवारे का एक खास प्लान तैयार किया है. सूत्रों की मानें तो यूपी में कांग्रेस अपने उम्मीदवार वहीं उतारेगी जहां उसे जीत का पक्का भरोसा होगा. मतलब ऐसे क्षेत्र जहां कांग्रेस पहले भी जीत हासिल करती रही है.

वहीं सपा-बसपा गठबंधन के सामने कांग्रेस अपना उम्मीदवार बीजेपी के ऐसे नेता को बनाएगी जिसकी टिकट बीजेपी ने काट दी हो और वो बीजेपी से नाराज हो. सपा-बसपा ने ये रणनीति बीजेपी का वोट काटने के लिए तैयार की है. दूसरी ओर चर्चा ये भी है कि गठबंधन में रालोद (राष्ट्रीय लोकदल पार्टी) भी शामिल रहेगी. रालोद को यूपी में दो से तीन सीट दी जा सकती हैं.

वहीं इस बारे में सपा की प्रवक्ता जूही सिंह का कहना है कि ‘कांग्रेस के साथ हम पहले भी चुनाव लड़ चुके हैं. ये लोकसभा का चुनाव है और कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है इसलिए उसे किनारे तो नहीं किया जा सकता है. रहा सवाल सीट का तो ये सब बातें बैठकर तय की जाएंगी. कांग्रेस खुलकर समर्थन करेगी या परदे के पीछे रहकर ये तो पार्टियों के बीच बैठकर तय होगा. ’
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